दुकान के पीछे चलें क्या

Dukan ke pichhe chalein kya:

Antarvasna, hindi sex stories मेरा ससुराल लखनऊ में है मैं अपने पति के साथ पुणे में रहती हूं मैं और मेरे पति एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं हम दोनों की शादी को करीब 3 वर्ष हो चुके हैं। मुझे जब भी ऐसा कुछ लगता है कि मैं शायद यह काम नहीं कर पाऊंगी तो मैं अपने पति को पूछ लेती हूं वह मेरी हमेशा मदद करते हैं, एक बार मैंने अपने पति से कहा कि मुझे घर से ही कुछ काम शुरू करना है तो वह कहने लगे कि तुम घर से क्या काम शुरू करोगी तो मैंने उन्हें कहा मेरी एक सहेली है जो कि घर में ही कपड़े सिल दिया करती है उसका बुटीक है तो क्या मैं उसके साथ मिलकर घर पर काम कर सकती हूं तो मेरे पति कहने लगे कि इसमें तुम इतना सोच क्यों रही हो यदि तुम्हें लगता है कि तुम यह काम कर सकती हो तो तुम यह काम कर लो मैंने कभी तुम्हें किसी चीज के लिए मना नहीं किया।

मैं खुश हो गई और अपनी सहेली के साथ में उसके बुटीक का काम घर पर ही करने लगी उसके पास जो भी कपड़े आते थे तो वह मुझे घर पर दे दिया करती, वैसे तो उसके पास बुटीक में भी एक दो टेलर है लेकिन उसके पास काम कुछ ज्यादा रहता था इस वजह से वह मुझे काम दे दिया करती थी उसके साथ काम करते हुए मुझे करीब एक साल हो चुका था। मेरे पति सागर का ट्रांसफर पुणे से नासिक हो गया एक दिन सागर से ऑफिस आए और मुझे कहने लगे कि अब हमें कुछ समय बाद नासिक जाना पड़ेगा मैंने सागर से कहा लेकिन हमें नासिक क्यों जाना पड़ेगा तो सागर ने मुझे बताया कि उनका ट्रांसफर नासिक में हो चुका है, मैं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी थी क्योंकि पुणे में मेरे काफी अच्छे दोस्त बन चुके थे और उन सब से मेरी काफी अच्छी दोस्ती थी जिस वजह से मैं काफी दुखी थी मुझे बहुत बुरा भी लग रहा था लेकिन अब हमें नासिक तो जाना ही था, मैंने सागर से पूछा हमें नासिक कब जाना है तो वह कहने लगे बस कुछ समय बाद ही हम लोग नासिक चले जाएंगे। करीब एक महीने बाद हम लोगों ने अपना सामान पैक करना शुरू कर दिया और हम लोग पुणे से नासिक चले गए हम लोगों को शुरुआत में तो थोड़ा अजीब सा लग रहा था और मैं अकेले घर पर बोर भी हो जाया करती थी, हम लोगों ने सब कुछ सेट तो कर लिया था लेकिन मैं घर पर अकेले बोर हो जाया करती और मुझे कुछ समझ नहीं आता कि घर पर मैं क्या करूं, पुणे में तो मैं अपनी सहेली की बुटीक का काम संभालती थी जिस वजह से मेरा भी टाइम पास हो जाता था लेकिन यहां पर मेरे पास कोई काम नहीं था।

एक दिन मैंने सागर से इस बारे में बात की तो वह कहने लगे तुम अपने लिए कुछ काम देख लो यदि तुम्हें लगता है कि तुम घर में काम कर सकती हो तो तुम आसपास पता कर सकती हो, मुझे भी लगा कि सागर बिल्कुल सही कह रहे हैं और मैं उसके बाद अपने पड़ोस में बात करने लगी थी सब लोगों से मेरी बातचीत ठीक-ठाक थी हमारे पड़ोस में एक महिला रहती थी जब मैंने उन्हें बताया कि मैं घर पर कपड़ों का भी काम कर लेती हूं तो वह मुझे कहने लगी मेरे एक जानकार का टेलरिंग का काम है यदि तुम उनके साथ मिलकर कुछ काम करना चाहती हो तो तुम कर सकती हो मैं तुम्हें उनसे मिलवा दूंगी। उन महिला से मेरी मुलाकात पहली बार ही हुई थी लेकिन मुझे उनका व्यवहार बहुत अच्छा लगा और मुझे उनसे बात करना भी बहुत अच्छा लगा उन्होंने मुझे कहा कि हम लोग कल उनके पास चलते हैं, मैं काफी खुश थी क्योंकी मुझे अब कुछ काम मिलने वाला था और मैं अपना टाइम पास भी कर पाती, कुछ दिनों बाद मुझे उन महिला ने उन व्यक्ति से मिलवाया उनका नाम संजय था संजय मुझे कहने लगे देखो मैडम मैं काफी समय से यह काम कर रहा हूं और मेरे पास जितने भी लोग आते हैं वह सब मुझ पर अब बहुत भरोसा करते हैं मैंने आज तक कभी भी किसी के कपड़ों में कोई शिकायत नहीं होने दी, मैंने उन्हें कहा आप एक बार मेरा काम देख लीजिए उन्होंने मुझे कहा ठीक है मैं आपको कुछ कपड़े दे देता हूं। उन्होंने मुझे कुछ कपड़े दे दिये मैं उन्हें घर ले आई और उसके बाद जब मैंने उन्हें वह कपड़े सिल कर दिखाये तो वह खुश हो गए और कहने लगे आपके हाथ में अच्छी सफाई है और आप अच्छा काम कर लेती हैं, मैंने उन्हें कहा मैं घर पर ही यह काम करती हूं और करीब 5 वर्षों से मैं यह काम कर रही हूं।

वह बहुत खुश हो गए और उसके बाद तो संजय मुझे अपनी दुकान में आने वाला ज्यादातर ऑर्डर देने लगे मैं घर से ही उनका काम करती उन्हें भी कोई परेशानी नहीं होती और उन्हें भी समय पर सारा काम मिल जाया करता जिस वजह से वह भी खुश थे और मेरा भी समय कट जाया करता। एक दिन सागर मुझे कहने लगे मधु हम लोगों को नासिक आए हुए काफी समय हो चुका है लेकिन हम लोग कहीं साथ में गए नहीं है मैंने सागर से कहा तो आज हम लोग कहीं घूम आते हैं सागर कहने लगे ठीक है आज हम लोग कहीं घूम आते हैं, सागर और मैं एक साथ घूमने के लिए चले गए हम दोनों नासिक के एक थियेटर में चले गए वहां पर हम दोनों ने साथ में बैठकर मूवी देखी, काफी समय बाद हम दोनों ने साथ में मूवी देखी थी मैं बहुत ज्यादा खुश थी और सागर भी बहुत खुश थे हम दोनों ने इतने समय बाद एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताया था उस दिन हम लोगों ने बाहर ही डिनर किया और रात को घर लौट आए। सागर मुझसे कहने लगे मुझे आज मम्मी का फोन आया था और वह कह रही थी कि तुम कुछ दिनों के लिए घर चले आओ, मैंने सागर से कहा तो आपने मम्मी से क्या कहा सागर मुझे कहने लगे मैंने मम्मी से कहा कि कुछ दिनों के लिए हम लोग लखनऊ आ जाएंगे, मैं कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले रहा हूं तुम और मैं कुछ दिनों के लिए लखनऊ हो आते हैं मैंने सागर से कहा हां सागर क्यों नहीं हम लोग कुछ दिनों के लिए लखनऊ हो आते हैं।

हम दोनों के दोनों लखनऊ चले गए और कुछ दिनों तक हम लोग लखनऊ में ही रुके इतने समय बाद हम लोग लखनऊ गए तो सागर के माता-पिता भी बहुत खुश थे और मैं भी बहुत खुश थी क्योंकि काफी समय बाद मैं अपने ससुराल में गई थी मैंने सोचा कि मैं अपने घर भी कुछ दिनों के लिए हो आती हूं, मैंने सागर से कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर जा रही हूं सागर मुझे कहने लगे मैं तुम्हें कल छोड़ दूंगा और तुम दो-चार दिन अपने घर पर भी रुक लेना। मेरा मायका भी लखनऊ में ही है, सागर ने अगले दिन मुझे मेरे घर पर छोड़ दिया और मैं दो-तीन दिन अपने घर पर रुकी मैं बहुत ज्यादा खुश थी क्योंकि मेरे माता-पिता भी काफी समय बाद मुझे मिले थे और उनसे मिलकर मैं बहुत ज्यादा खुश थी, कुछ दिनों बाद सागर मुझे लेने के लिए आ गए और हम लोग मेरे ससुराल में करीब 20 दिन तक रहे। सागर मुझे कहने लगे हम लोग अब नासिक चलते हैं हम लोग कुछ दिनों बाद नासिक लौट आए, मैं जब नासिक आई तो एक दिन तो मैंने आराम किया और अगले ही दिन मैं संजय के पास चली गई उन्होंने मुझे कहा मैडम आप कैसे हो? मैंने उन्हें कहा मैं ठीक हूं। मैंने उनसे पूछा क्या कोई आर्डर तो नही आया, वह कहने लगे हां आप आज शाम को आ जायेगा। मैं शाम के वक्त संजय के पास आर्डर लेने के लिए चली गई लेकिन वहां पर संजय नहीं थे। उनकी दुकान में काम करने वाला एक लड़का था वह मुझे कहने लगा संजय जी अभी आते होंगे। मैं वहीं दुकान में बैठ गई लेकिन वह लड़का मुझे बार-बार घुरे जा रहा था उसकी नजर मुझे कुछ ठीक नहीं लग रही थी उसने अपने लंड पर हाथ रखा हुआ था वह अपने लंड को बार बार दबा रहा था। उसने अपने लंड को अपनी पैंट से बाहर निकाला तो उसके मोटे लंड को देखकर मैं अपने आपको ना रोक सकी और उसके पास में चली गई।

मैंने जब उसके लंड को अपने हाथ में लिया तो उसे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा, मैंने जैसे ही उसके मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बड़ा मजा आने लगा मैंने काफी देर तक उसके लंड को मुंह में लेकर चूसा। उस वक्त कोई भी दुकान में नहीं आ रहा था जब मै पूरी तरीके से जोश में आ गई तो वह मुझे दुकान के पीछे ले गया वहां पर बाथरूम था। वहां पर उसने मेरी सलवार को नीचे कर दिया और मुझे घोड़ी बनाते ही उसने मेरी चूत में अपने मोटे और तगडे लंड को प्रवेश करवा दिया, जैसे ही उसका मोटा लंड मेरी योनि में प्रवेश हुआ तो मुझे बड़ा दर्द महसूस होने लगा। मेरी योनि में इतना ज्यादा दर्द होने लगा कि मैं अब बिल्कुल भी उसके धकको को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी लेकिन वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के मारता, उसका वीर्य गिरने का नाम ही नहीं ले रहा था उसने करीब मेरे साथ 10 मिनट तक संभोग किया लेकिन उस 10 मिनट में उसने मेरी हालत बुरी तरीके से खराब कर दी, मुझे बहुत दर्द होने लगा।

जैसे ही उसने अपने वीर्य को मेरी चूतडो पर गिराया तो मुझे बहुत ही ज्यादा तकलीफ होने लगी, हम दोनों दुकान के आगे चले आए। जब हम लोग दुकान के आगे पहुंचे तो संजय दुकान में आ चुके थे वह मुझे कहने लगी अरे मैडम आप कब आई मैंने उन्हें कहा मै तो कुछ देर पहले आई। वह तो आपके दुकान में काम करने वाला यह लड़का यहां पर था इसलिए मै इसके साथ बात करती रही। संजय मुझे कहने लगे मैं आपके लिए चाय मंगवा लेता हूं मैंने उन्हें कहा नहीं आप रहने दीजिए आप इतना कष्ट ना किजिए, आप मुझे सिर्फ कपड़े दे दीजिए वह मैं आपको कुछ दिनों बाद दे दूंगी। उन्होंने मुझे कपड़ों का एक लांट दे दिया, उन्होंने कहा आप यह मुझे कुछ दिनों बाद दे दीजिएगा मैं वहां से अपने घर चली आई मेरी योनि में बहुत दर्द हो रहा था।


Comments are closed.



Online porn video at mobile phone


desi bhabhi chut chudaibhai ne fudi mariwww antarvasana comalia bhatt ki chutबुखार मे बहन सेक्सी सेक्स कहानीAmi jann hot incest chudai kahaniyamarathi bhabhi storypadosan chudaiचुदाई का माहौलmastramchudaicomaex kahaninew nepali sex storymaa ki chut ki kahaniमैं तेरी माँ हूँ मत कर ये गलत है चुड़ै स्टोरीbehan bhai ki chudai ki kahanibhaibahansexrandi sex storysexi blueNew 2019 Mastram sexy storys Hindi village परिवारिक .comरantarwasna sistarsaali ki chudai story in hindigand marne ki kahanibeti ki chutbehan or bhai ki chudaiSachi kahne hoslokechut chudai ki mast kahanividhwa ki chudai storyविधवा चाची को चोदाup ki ladki ki chudaimoti chut wali ladkiwww.xxx maa ko rajai me pela storyhandi sax storychudaimami chudai storypyasi jawani movieindian pornstorywww kamukta inमेरी पेहली चुदाई जीजा के सातbeti ki chodaiMom chud gai kheto me ajnabi sesexi stirykahani chudai ki hindi maibhai behan chudai sex storybiwi ko dost se chudwayasexi wap inकोवारी चुत होटल माँmaine chudai kibeti ko jabardasti chodacomputer teacher ki chudaimaa or beta ki chudai kahni videos downlodstory maa ko chodamaa ko choda story hindiTecher ka blatkar mote tagra lund se sex storyindian pornstorybaap beti sexypapa se chudai ki kahanisexhindisex2016desi maa chudaifriend ko chodabhai ne behan ko chodabibi frend sexsexy story behanreal incest stories in hindisex story risto me vidhwa ki gaand chudaizabardasti fuckrandi ki mast chudaimaa bete ki suhagratchhoti ladki ki chudai videosexy stori by hindisexy kahani behan kiFirangi cheekhti bhi rhi aur chudati bhi 2bandi gand ki chudayi pyas bujhayiholichudaikahaniya.comantarvasnamarathi desi kahaniyatite chutbhikari ne chodamausi ki chudai storychudai ki kahani in gujaratiXxx shamuhike chudie bhau kahine hindenangi didi