गांड की गर्मी को ठंडा कर दिया

Antarvasna, hindi sex stories:

Gaand ki garmi ko thanda kar diya मैं अपनी रसोई में काम कर रही थी उस वक्त सुबह के 8:00 बज रहे थे मेरी सासू मां मुझे आवाज लगाने लगी और कहने लगी आकांक्षा कहां हो तो मैंने आवाज देते हुए कहा मां जी मैं तो रसोई में हूं। वह कहने लगी कि बेटा मेरे लिए एक गरमा गरम चाय का प्याला बना देना मैंने अपनी सासू मां से कहा ठीक है मां जी अभी आपके लिए चाय बना कर लाती हूं। मैं उनके लिए चाय बना कर ले गई जब मैं उनके लिए चाय ले गई तो वह मुझे कहने लगी आकांक्षा बेटा तुम थोड़ी देर मेरे साथ बैठ सकती हो। मैंने उन्हें कहा हां मां जी क्यों नहीं मैं उनके साथ ही कुछ देर बैठ गई और उनसे बात करने लगी मैंने उन्हें कहा क्या कोई जरूरी काम था। वह कहने लगी आकांक्षा काम तो जरूरी था सोचा तुमसे भी बात कर लूं तो मैंने उन्हें कहा मां जी कहिए ना। वह मुझे कहने लगे कि मैं सोच रही थी कि हम लोग कुछ दिनों के लिए गांव जा रहे हैं वहां पर हमारे एक रिश्तेदार की शादी है तो मैं तुम्हें अपनी अलमारी की चाबी दे देती हूं।

पहली बार ही मां जी ने मुझ पर भरोसा कर के अपनी अलमारी की चाबी दे दी मेरे लिए यह बड़े ही सम्मान की बात है कि कम से कम मेरे ऊपर मां जी को भरोसा तो होने लगा था। वह मुझे कहने लगे कि बेटा चाबी संभाल कर रखना मैंने उन्हें कहा हां मां जी आप चिंता ना करें फिर मैं अब रसोई में चली गई और मैं नाश्ता बनाने लगी जब मैं नाश्ता बना रही थी तो मेरे पति मुझे कहने लगे कि आकांक्षा तुमने नाश्ता नहीं बनाया। मैंने कहा बस दो मिनट बैठिये मैं आपके लिए नाश्ता ले आती हूं मैंने जल्दी से नाश्ता बनाया और अपने पति को नाश्ता दिया उन्होंने भी नाश्ता कर लिया था वह मुझे कहने लगे कि मुझे आज घर आने में थोड़ा देर हो जाएगी तो तुम बच्चों को अपने साथ आज पार्क में घुमाने के लिए ले जाना। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं बच्चों को अपने साथ आज पार्क में घुमा कर ले आऊंगी रोशन अपने ऑफिस से हर रोज समय पर आ जाया करते थे लेकिन आज उन्हें आने में शायद थोड़ा देर होने वाली थी इसीलिए उन्होंने मुझे कहा था कि तुम बच्चों को घुमा ले आना। वैसे हर रोज वह बच्चों को अपने साथ पार्क में लेकर जाते थे, मैं अभी रसोई का काम कर रही थी मेरा काम अभी भी खत्म नहीं हुआ था तो मेरी सासू मां मुझे कहने लगे कि बेटा मैं तुम्हारी मदद कर देती हूं।

मैंने उन्हें कहा नहीं मां जी आप रहने दीजिए मैं देख लूंगी लेकिन वह में मेरी मदद के लिए आ गए और उसके बाद हम लोग साथ में ही बैठे हुए थे। दोपहर में बच्चे अपने स्कूल से आ चुके थे और वह खाना खाने के बाद सोने के लिए चले गए अब वह दोनों सो चुके थे। शाम के वक्त मैंने चाय बनाई और अपनी सासू मां को दी जब मैंने उन्हें चाय दी तो वह मुझे कहने लगी बेटा जाओ तुम बच्चों को पार्क में घुमा ले आओ। मैंने उन्हें कहा ठीक है मां जी बच्चों को मैं ले जाती हूं बच्चे भी अब उठ चुके थे और मैंने उन्हें कहा चलो मैं तुम्हें पार्क में ले चलती हूं। बच्चे खुशी से झूम उठे और मैं उन्हें पार्क में लेकर चली गई जब मैं उन्हें पार्क में लेकर गई तो वहां पर हमारे पड़ोस में रहने वाली अनीता दीदी भी मुझे मिली वह भी अपने बच्चों के साथ वहां आई हुई थी। पार्क काफी बड़ा है इसलिए आसपास के लोग वहां शाम के वक्त आ ही जाते हैं बच्चे भी अपने दोस्तों के साथ खेलने पर लगे हुए थे मैं उन्हें भी देख रही थी और अनीता दीदी से भी बात कर रही थी। अनीता दीदी मुझे कहने लगी कि आकांक्षा आजकल तुम दिखाई नहीं देती हो मैंने दीदी से कहा अरे दीदी बस पूछो मत घर के काम से ही बिल्कुल फुर्सत नहीं मिल पाती है और उसके बाद कहीं जा पाना तो मुश्किल ही हो जाता है। वह मुझे कहने लगे कि हां तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो ऐसा तो होता ही है मैं भी तो बच्चों से बहुत ज्यादा परेशान हो जाती हूं लेकिन फिर भी बच्चों को शाम के वक्त तो यहां लेकर आना ही पड़ता है नहीं तो बच्चे पीछे ही पड़ जाते हैं। मैंने दीदी से कहा भाई साहब कहां हैं आजकल अनिता दीदी मुझे कहने लगे कि वह अपने बिजनेस मीटिंग के सिलसिले में दुबई गए हुए हैं मैंने उन्हें कहा अच्छा तो वह दुबई गए हैं। वह कहने लगी कि हां उन्हें तो दुबई गए हुए एक महीना होने आया है मैंने दीदी से कहा आपसे मुलाकात हो नहीं पाती है इसलिए तो इस बारे में कुछ पता नहीं चला। दीदी मुझसे कहने लगी कि आकांक्षा मैं अभी चलती हूं मैंने उन्हें कहा ठीक है दीदी और फिर वह चली गई।

मैं भी अपने बच्चों को लेकर कुछ देर बाद घर चली आई जब मैं घर आई तो मैं खाना बनाने की तैयारी करने लगी और देर रात मेरे पति भी ऑफिस से लौट चुके थे। जब वह ऑफिस से लौटे तो कहने लगे कि मुझे कल ऑफिस जल्दी जाना है तो मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं सुबह का जल्दी उठ जाऊंगी। हर रोज की तरह मैं सुबह नाश्ता बनाती और बच्चों में ही व्यस्त रहती मेरी अपनी निजी जिंदगी तो बिल्कुल ही खत्म हो चुकी थी और मेरे पास शायद किसी के लिए भी समय नहीं था। कुछ दिनों बाद मेरी सासू मां गांव चली गई, जब वह गांव गयी तो उन्होंने मुझे कहा कि बेटा तुम घर की जिम्मेदारी अच्छे से निभाना मैंने उन्हें कहा मां जी आप चिंता ना करें। मैं घर पर ही थी और घर पर अकेले मैं बोर हो जाया करती थी तो कुछ देर मैं अपने दोस्तों से फोन पर बात कर लिया करती थी मुझे पुराने दोस्तों से फोन पर बात करना अच्छा लगता था। मैं घर पर अकेली ही थी तो सोचा कि कुछ रंगीन कर लिया जाए लेकिन ऐसा मौका कहां मिल पा रहा था कि कुछ रंगीन हो पाता उसके लिए तो मुझे किसी की तो जरूरत थी। एक दिन में कपड़े सुखाने छत पर गई उस वक्त 10:00 बज रहे होंगे मेरे पति भी ऑफिस जा चुके थे और घर पर कोई भी नहीं था।

पड़ोस में एक लड़का आया हुआ था वह मुझे बड़ी देर से देख रहा था मैंने उसे इशारो में कहां तुम ऐसे क्या देख रहे हो। उसने कुछ भी नहीं कहा लेकिन वह मेरे पास आ गया जब वह मेरे पास आया तो मैंने उसे कहा तुम्हारा नाम क्या है तो वह कहने लगा मेरा नाम अमित है। मैंने उसे अपने पास बैठाया और कहा तुमने आज तक कभी किसी के बदन की गर्मी को महसूस किया है वह कुछ नहीं कह रहा था। मैंने अपनी साड़ी के पल्लू को नीचे करते हुए उसे अपने स्तनों को दिखाया तो वह मेरी तरफ देखकर कहने लगा मुझे आपको देख कर अच्छा लग रहा है। मैंने उसे कहा मुझे भी तुम्हें देखकर अच्छा लग रहा है क्या तुम मेरी चूत को चाटोगे?  वह मुझे कहने लगा क्यों नहीं मै जरूर चाटूगा। उसने कुछ देर तक मेरे होठों को चूमा और फिर उसने मेरे स्तनों का रसपान करना शुरू किया उसने मेरे बदन की गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था। मेरे बदन की गर्मी बहुत ज्यादा बढने लगी थी मैंने उसे कहा क्या चूत को चाटो मैंने अपने पैंटी को उतारते हुए उसे कहा लो मेरी चूत को चाट लो। उसने मेरी चूत के अंदर जीभ से चाटना शुरू किया उसे बड़ा अच्छा लग रहा था वह मेरी चूत को चाट रहा था उसे मेरी चूत को चाटने में मजा आ रहा था। काफी देर तक वह मेरी चूत को चाटे जा रहा था जब उसने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को सटाकर अंदर डाला तो लंड अंदर जाना शुरू हो गया था। मैं चिल्लाने लगी मैंने उसे कहा तुमने तो अपने लंड को मेरी योनि में घुसा दिया वह कहने लगा मुझे तो ऐसे ही चोदने में मजा आता है। मैंने अपने पैरों को चौड़ा किया और उसे अपनी और आकर्षित करने लगी उसने मेरे स्तनों को चूसना शुरू किया उनका वह रसपान करने लगा।

उस नौजवान युवक ने मेरी चूत को खोल कर रख दिया था वह मुझे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था। जब वह मेरे स्तनों को चूसता और मुझे धक्के मारता तो मेरे मुंह से चीख निकल जाती। उसके धक्को में बढ़ोतरी होने लगी थी मुझे अच्छा लग रहा था कि वह मुझे तेजी से चोद रहा है उसने मेरे पैरों को अपने कंधों पर रखा और कहने लगा आपका बदन बहुत ही ज्यादा सुंदर है मुझे आपको चोदने में मजा आ रहा है। मैंने उसे कहा तुम ऐसे ही मुझे चोदो उसने मुझे बहुत देर तक ऐसे ही चोदा लेकिन जब उसका वीर्य बाहर गिरने वाला था तो उसने मुझे कहा कि मैं आपको झेल नहीं पाऊंगा। मैं भी तड़प रही थी मैं चाहती थी कि उसका वीर्य मेरी योनि में ही गिरे लेकिन उसने अपने वीर्य को मेरे स्तनों पर गिराया जब उसका वीर्य मेरे स्तनों पर गिरा तो मैंने कपड़े से उसके वीर्य को साफ कर दिया।

मैंने जब उसका लंड देखा तो उसका लंड पूरी तरीके से मुरझा चुका था मैंने जब उसे अपने मुंह के अंदर लिया तो उसके अंदर जैसे दोबारा से जान आने लगी थी और दोबारा से उसका लंड तन कर खड़ा होने लगा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैंने जब अपनी योनि को खोला तो उसने दोबारा से मेरी चूत के अंदर लंड को घुसा दिया लेकिन अब वह मुझसे कहने लगा कि आपको मुझे घोड़ी बनाकर चोदना है। मैंने अपनी चूतडो को उसकी तरफ किया और उसने अपने लंड पर थूक लगाते हुए बडे ही चालाकी से अपने लंड को मेरी गांड के अंदर घुसा दिया। जब उसका लंड मेरी गांड के अंदर घुस गया तो मैं पूरी तरीके से मचलने लगी वह मुझे भी तेज गति से धक्के मार रहा था और मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी हालांकि उसने मेरी गांड से खून भी निकाल दिया था। मुझे उसके साथ मजा आ रहा था और मैं अपनी चूतडो को उसके लंड से मिला रही थी। मैंने बहुत देर तक उसके लंड से अपनी चूतडो को मिलाया। जब मैंने उसे कहा कि अब मुझसे बिल्कुल भी नहीं झेला जाएगा तो वह कहने लगा मेरा वीर्य गिरने वाला है और उसने अपने वीर्य को मेरी गांड के अंदर गिरा कर मेरी गांड की गर्मी को ठंडा कर दिया।


Comments are closed.



Online porn video at mobile phone


mastram ki hindi kahanimausi chudai storyमकान मालकिन की चूत और मेरा लन्डrecent desi kahanirekha mami ki chudaibudhi ka sex videoमाँ bhane ko चोदने को राजी किया kahaniyachodna sikhayehindi sexy chudai photobhabhi ke sathdui bon ke eksathe chodamami ki chudai ki kahanihindi sex history combahu sasur chudaipagal aurat ki chudaiphotoसादी के दिन चुदाई xxx सहेलि को चोदा प्यार सेwww kamukta story.comnew.sex.khane.thande.xxxbihari boor ki chudaiसुहागरात की चुदाई डाक्टर यहाmast chut picchudai ki kahani videomama ki gand marimuslim bur ki chudaibahan ki chudai sex storykhet me chudaiwww chodai kahani comreal chudai photochudai hindi mrandi ki chudai ki kahani in hindisavita bhabhi ki sexy storyfree sexy kahanichachi ke sathnaukar ki chudaichodai ki kahaanihindi chachi ko chodadesi bur chudai videomausi ki chudai hindi mechikni choothindi sex story in hindikamukta marathifassa kar rishton mein chudai ki sitesbhabhi ko bedroom me chodachut aur land ki ladainisha ki chootdesi maa beta chudaihindi sex maa betaantarwasanakahane.combhosda ki photoबहन चोद बोस 2 सविता भाभीnon veg kahaniblue picture hindi maijija saali sexAjit ne coda sex storymaa bete ki chudai kahanibhai ne bahan ko chodawww.xxx.ticher.tushan.khiny.hindihot chootStep-mom ke bade boob piya kahani antarvasnagay sex kahaniyanchudai story in hindi commaa beta incest sex stories thread in Hindichudai chitranew 2019 ka chudai ki kahanichudai ki chachi kimummy ki chudai ki kahanidard bhari chudai kahanihindi sex story desivai ke chodachote bhai ne sarab pi karujhe choda chudai storymarathi zavadya kathanew antarvasnaholi mai chudaichut ki khuli photobadwap in hindiaaj peeche se loonga teri antarvasna