तू नही तो कोई और सही

Tu nahi to koi aur sahi:

Antarvasna, hindi sex story मेरे कॉलेज का प्रथम वर्ष था और कॉलेज में मेरा पहला दिन ही था  मुझे कॉलेज में आकर एक अलग ही फीलिंग आ रही थी। मुझे कॉलेज का पहला दिन बड़ा अच्छा लगा मैं अब हर रोज कॉलेज आने लगी थी मुझे कॉलेज आए हुए सिर्फ 10 ही दिन हुए थे लेकिन इन 10 दिनों में मेरे काफी अच्छे दोस्त बन चुके थे। मुझे बहुत अच्छा भी लग रहा था कि मेरे नए दोस्त बन चुके हैं लेकिन इसी बीच एक लड़का मुझे हमेशा देखा करता। उसका रंग सांवला सा था वह दिखने में बिल्कुल भी अच्छा नहीं था लेकिन वह कॉलेज जब आता तो अपने आंखों पर काले रंग के चश्मा लगा कर आता था और अपने बालों में बार-बार वह कंगी फेरता रहता था। मैं उसे देखकर हमेशा मुस्कुरा दिया करती थी उसकी उम्र मुझसे ज्यादा नहीं थी वह मुझसे कोई 2 या 3 वर्ष की बढ़ा रहा होगा।

वह हर रोज बाइक से मेरा पीछा करने लगा था क्योंकि मैं कॉलेज की बस से ही घर जाया करती थी तो वह हर रोज मेरा बाइक से पीछा करता। उसके साथ उसका एक और दोस्त रहता था जो कि बिल्कुल उसी की तरह दिखता था मुझे उसमें कोई भी इंटरेस्ट नहीं था वह बिल्कुल ही साधारण और सामान्य सा था। मैं सोचने लगी चलो इसी बहाने उसके साथ थोड़ा टाइम पास ही कर लिया जाए। मुझे यह तो मालूम था कि मैं दिखने में बहुत सुंदर हूं मेरी सुंदरता से मेरी क्लास के लड़के भी बड़े प्रभावित थे और वह भी मेरे पीछे पड़े रहते थे लेकिन मैं किसी को भी घास नहीं डालती थी। आखिरकार उस लड़के का नाम मुझे पता चल ही गया, मैं अपने कॉलेज के पेड़ के नीचे बैठी हुई थी गर्मी का मौसम था और काफी गर्मी भी हो रही थी। मैंने अपनी सहेली से कहा जरा वाटर कूलर से पानी तो ले आओ। वह पानी लेने के लिए चली गई और पानी लेकर आई तो मैंने पानी की दो घूट ही पिए थे तभी मेरे सामने वही लड़का आ गया और मुझसे कहने लगा मेरा नाम सुरेश है। मैंने उसे ऊपर से लेकर नीचे तक देखा और मैंने उससे कहा तुम्हारा नाम सुरेश है तो मैं क्या करूं। वह इधर-उधर देखने लगा और मुझे कहने लगा क्या तुम्हें मुझ में ऐसा कुछ नहीं दिखाता। मैंने उसे कहा तुम्हारे जैसे ना जाने कितने लड़के मेरे इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं तो क्या मैं सबको देखती रहूं। वह मुझे कहने लगा तुम्हारी जबान बड़ी चलती है।

मैंने उसे कहा मेरी जूती भी बहुत चलती है वह चुपचाप वहां से निकाल लिया। उसके बाद भी सुरेश ने मेरा पीछा करना नहीं छोड़ा था वह अब भी हर रोज मेरे पीछे आता रहता था और मै उसे हमेशा देखा करती। वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं था मेरी सहेली मुझसे कहने लगी मीनाक्षी यार सुरेश तुम्हें बहुत पसंद करता है तुम उस बेचारे का दिल दुखा रही हो। मैंने अपनी सहेली से कहा ठीक है तो मैं उसे खुश कर देती हूं। अब सुरेश मुझे जब भी दिखाई देता तो मैं उसे देखकर मुस्कुरा दिया करती थी उसे भी लगने लगा कि शायद मैं उसे लाइन देने लगी हूं अब उसकी लाइन क्लियर हो चुकी है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं था मैं तो सिर्फ उसके साथ खेल रही थी मैं देखना चाहती थी कि आखिरकार वह मेरे बारे में क्या सोचता है। वह भी मुझे देखकर मुस्कुरा दिया करता था लेकिन मेरे पास आने की उसकी हिम्मत नहीं होती थी। एक दिन वह अपनी बाइक पर बैठा हुआ था उसने अपने वही काले चश्मे अपनी आंखों पर चढ़ाए हुए थे और अपनी बाइक के ऊपर वह बैठा हुआ था। जब मैं उसके पास गई तो वह घबराने लगा और इधर उधर देखने लगा उसने अपनी आंखों से अपने चश्मे को नहीं हटाया। मैंने उसके गोगल्स को अपने हाथों से हटाया और कहां तुम्हारी तो मेरे साथ नजर मिलाने की हिम्मत ही नहीं हो पा रही है तुम तो मुझे लाइन मार रहे थे। सुरेश की हालत पतली हो चुकी थी वह मेरी तरफ देख भी नहीं पा रहा था लेकिन मैंने उसे कहा डरो मत मैं तुम्हें कुछ नहीं कहूंगी। मैं तुमसे बात करना चाह रही थी सुरेश भी सोचने लगा यार मैंने ऐसे क्या अच्छे काम कर दिए थे कि खुद ही लड़की मेरी झोली में आ कर गिर पड़ी। मैंने सुरेश से कहा चलो कहीं घूमने चलते हैं। सुरेश ने भी अपनी बाइक में किक मारी वह मुझे कॉलेज के गेट से बाहर लेकर चला गया उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह मुझे कहां लेकर जाए।

मैंने उसे कहा चलो हम लोग आज लंबे सफर पर चलते हैं हम लोग लंबे सफर पर निकल पड़े। मैं सुरेश के पीछे बैठी हुई थी तो सुरेश बार बार पीछे देखने की कोशिश कर रहा था उसे बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा था कि मैं उसके साथ हूं। सुरेश ने मुझे कहा मुझे बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा है कि तुम मेरे साथ आज मेरी बाइक पर बैठी हुई हो। मैंने सुरेश से कहा कभी कभार ऐसा हो जाता है कि खुद ही सब कुछ मिल जाता है। सुरेश मुझसे कहने लगा लेकिन मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुम मुझसे बात करोगी। हम लोग एक ढाबे पर रुके और वहां पर मैंने आइसक्रीम खाई सुरेश मेरी तरफ देखे जा रहा था। उसके बाद हम लोग उस दिन घर चले आए सुरेश को मैंने फोन नंबर भी दे दिया था सुरेश इस बात से बहुत खुश था। मुझे कोई भी छोटे बड़े काम होते तो मैं सुरेश से कह दिया करती थी सुरेश मेरा काम चुटकियों में ही कर देता था। वह सिर्फ मेरे हाथ की कठपुतली था सुरेश को लगता था कि मैं भी उससे प्यार करती हूं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं था। सुरेश मुझे कभी पसंद ही नहीं था मैं तो सिर्फ उसके साथ खेल खेल रही थी उसी बीच मेरा दिल हमारे कॉलेज में ही पढ़ने वाले एक लड़के पर आ गया। उसके पीछे ना जाने कितनी लड़कियां पढ़ी हुई थी उसका नाम सुबोध है लेकिन सुबोध तो मेरी तरफ देखता ही नहीं था। मैं उस पर लाइन मारने की कोशिश किया करती लेकिन सुबोध की नजर ना जाने कहां रहती थी वह मेरी तरफ बिल्कुल नहीं देखता था लेकिन सुरेश मेरे पीछे पागल था।

वह मेरे लिए कुछ भी करने को तैयार रहता जब भी में किसी चीज की मांग करती तो वह मेरी मांगो को उसी वक्त पूरा कर दिया करता था लेकिन ना जाने मुझे सुरेश से क्यों प्यार नहीं था। मैं तो सुबोध के पीछे पागल थी लेकिन सुबोध मेरे हाथ कहां आने वाला था वह तो किसी और से ही प्यार कर बैठा। जब मुझे यह बात पता चली तो उससे मैं काफी दुखी थी। जब सुरेश मेरे पास आया तो वह कहने लगा आज तुम बहुत दुखी हो? मैंने उसे कहा तुम अभी यहां से चले जाओ मेरा मूड बिल्कुल भी ठीक नहीं है तो सुरेश मुझे कहने लगा मैं तुम्हारा मूड अभी ठीक कर देता हूं। सुरेश ने मुझे कहा तुम बाइक पर बैठो मैंने उसे कहा नहीं सुरेश अभी मुझे तुम्हारे साथ कहीं नहीं चलना लेकिन सुरेश मुझे अपने साथ लेकर चला आया। उस दिन वह मुझे मूवी दिखाने के लिए ले गया मेरा मूड हालांकि ठीक नहीं था लेकिन अब थोड़ा बहुत पहले से ठीक होने लगा था। उसी दौरान सुरेश ने मेरा हाथ पकड़ लिया मुझे थोड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था लेकिन जब सुरेश ने मेरे होठों को किस करना शुरू किया तो मैंने भी उसे मना नहीं किया और उसके साथ किस करने में मुझे अच्छा लग रहा था। मेरा मूड अच्छा होने लगा था सुरेश मेरे होठों को बड़े अच्छे तरीके से किस कर रहा था काफी देर तक उसने मेरे होठो किस किया। अब हम दोनों पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे तो मैंने सुरेश से कहा आज मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। सुरेश यह सुनते ही चौक गया सुरेश कहने लगा तुम तो बड़ी ही गजब की हो तुम्हारा मन जब भी करता है तो तुम सीधा ही बात कह देती हो। मैंने सुरेश से कहा अभी तुम मुझे कहीं ले चलो सुरेश मुझे एक घर में ले गया ना जाने सुरेश ने कहां से उस घर की चाबी का बंदोबस्त किया और हम लोग वहां चले गए।

मैंने सुरेश के सामने अपने सारे कपड़े उतार दिए क्योंकि मैं बहुत ज्यादा गुस्से में थी कि मैं अपने हुस्न के जाल में सुबोध को ना फंसा सकी। सुरेश ने मेरे होंठो को अच्छे से चूसा, सुरेश ने जब मेरे स्तनों को अपने हाथों से दबाया तो मुझे अच्छा लगने लगा और उसने मुझे वही बिस्तर पर लेटाते हुए मेरे स्तनों का रसपान करना शुरू किया। मैंने उसे कहा तुम मेरी योनि को चाटना शुरू करो सुरेश ने मेरी योनि को बहुत अच्छे से चाटा उसने मेरी योनि से पानी निकाल कर रख दिया। मेरी योनि से गर्म पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी लेकिन जैसे ही सुरेश ने अपने मोटे लंड को मेरी योनि पर सटाते हुए मेरी गीली हो चुकी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मुझे अच्छा लगने लगा। मैंने उसे कहा तुम और तेज गति से मुझे चोदो। वह भी अपनी पूरी ताकत से मुझे धक्के देने लगा जिस ताकत से सुरेश मुझे धक्के मार रहा था मेरे मुंह से मादक आवाज निकल रही थी। जब सुरेश का लंड मेरी योनि के अंदर बाहर होता तो मेरी योनि की चिकनाई में बढ़ोतरी होने लगी मैं पूरी तरीके से गर्म होने लगी थी।

मेरी उत्तेजना पूरी चरम सीमा पर थी मैं झडने वाली थी तो मैंने सुरेश को अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ लिया। सुरेश के धक्के अब भी उतने ही तेज थे लेकिन वह समझ चुका था कि मैं संतुष्ट हो चुकी हूं परंतु सुरेश अब भी संतुष्ट नहीं हुआ था वह बड़ी तेज गति से मुझे अब भी धक्के दिए जा रहा था। सुरेश के धक्के अब और भी ज्यादा तेज हो चुके थे उसके लंड से जैसे ही वीर्य की पिचकारी निकली तो मैंने सुरेश को गले लगा लिया। उस वक्त तो सुरेश ही मेरे लिए सब कुछ था क्योंकि उसने मेरी इच्छा पूरी कर दी थी। सुरेश मुझे कहने लगा मीनाक्षी मैंने कभी सोचा नहीं था कि तुम्हारे जैसी यौवन की मलिका को मैं अपना बना पाऊंगा। मैं अब भी सुरेश से प्यार नहीं करती थी लेकिन वह मेरे लिए सब कुछ करने के लिए तैयार रहता था इसलिए मैं सुरेश को हमेशा खुश रखने की कोशिश करती और वह भी मेरा ख्याल रखता।


Comments are closed.



Online porn video at mobile phone


hindi padosan ki chudaidesi zavazavi kathaaunty ko pregnant kiyagujarati sexi vartasasur se ki chudaichachi ke saathlund sexsexy lugaiwww chodantxxx.com hinde chachi aur bhateje ki chudai ki hot sexy kamukta antarvasna kahaniya navembar 2018aunty ki zabardasti chudaidesi choot comanita ki mast chudaimoti gaand storyhindi sexy story mamisexy hindi comics free downloadsax chutbhosdi kadoodhwala sexmausi ki chootmummy chudaibur chudai ki khaniyamummy chudaichachi ki chudai ki videoxxxkahanidesi chachi sexbalatkar ki chudai ki kahaniकेसेचोदे किन रोकोchut ki ladkibur ki chudai hindi storyristo ma hindi xxx chudi story 2019desi maa ki chudaihindi bhabhi chutmarwari chudai kahanimaa chudai bete semami k sath sexmalkin sexvidhva mavsi or parvar ke sath sex kthapratiksha ki chudaibhagyashree sex videodost ki bahan ko chodaसेकशी बुर की चुदाई गेहू के खेत मेindian language pornhindi sexy stories hindi fontmaa ki choot comhindisixstorycinema hall me chudaipyari didi ko chodadesi ssexbeti ki mast chudaichudai kahani imagestudent teacher ki chudaidsdaji in train antarvasnasex stories in marathi fontkahani hindi chudaihindi chut kathajija sali chudai storybhartiy chutbhabhi ko planing se chodatution chudaihindi sexy kahni15 saal ki ladki ki chutkuwari choot ki chudaireal chudai story in hindizarina ki chudaimom ki chudai ki kahani in hindihot gay sex story in hindibaap aur beti chudaimausa se chudaihindi chudai ke khaniyaमामि कि सेकश काहनियाghodi ki chut maribandh kar chodadesi bhabhi ki chut ki chudaisex story marathi fontपति ओर बेटा के साथ चुदाई 2019antarvasna hindi mekahani mami ki chudai kibhabhi ki khet me chudaibhabhi ko jangal me chodariste me chudaidesi maa sex storykahani bur kihindi sexi storemaa ko khet mai chodaदीदी चुदीbhabhi ki fuddibeta maa ko chodaगन्ने के खेत की हिंदी कहानियाँ, मसत सेकसीmaa bete ki sex storychudai ki kahani maa bete kisavita bhabhi ki chudai storysexi chut story