वीर्य योनि की शोभा बना

Virya yoni ki shobha bana:

Hindi sex kahani, antarvasna विवाह दो दिलों का मेल होता है लेकिन मेरे विवाह में ऐसा कुछ नहीं हुआ मुझे मेरे ससुर जी ने मेरी एक सहेली की शादी में देख लिया था और वहां पर मेरी मां भी मेरे साथ आई हुई थी। मैं उन्हें इतनी ज्यादा पसंद आई कि उन्होंने अपने बेटे के लिए मेरा हाथ मांग लिया सब कुछ बड़ी जल्दी में हुआ हमें बिल्कुल भी समय ना मिल सका मेरी मां इस रिश्ते से बहुत खुश थी। वह कहने लगी बेटा तुम्हारी एक अच्छे घर में शादी होने जा रही है मैंने कभी सोचा ना था कि हमें ऐसा रिश्ता मिल पाएगा वह लोग इतने अच्छे हैं कि उन्होंने हम से दान दहेज की बात तक नहीं की और उन्होंने तुम्हें अपनी बेटी के रूप में स्वीकार कर लिया है। मैं अपनी मां से कहने लगी हां मां मैं भी बहुत खुश हूं मैंने भी कभी सोचा ना था कि मुझे अनिल के रूप में इतना अच्छा वर मिलेगा। सब कुछ इतना जल्दी बाजी में हुआ कि किसी को कुछ समझने का मौका ना मिला और मेरी और अनिल की शादी हो गई हम दोनों की शादी बहुत ही अच्छे से हुई उसके बाद मैं एक अच्छे परिवार की बहू बन चुकी थी।

मेरी शादी को एक महीना ही हुआ था मेरे चेहरे पर मेरी शादी की खुशी थी मुझे इस बात कि बहुत ज्यादा खुशी थी कि मेरे पिताजी के ना होते हुए भी अनिल के परिवार ने मुझे स्वीकार किया। अनिल के पिताजी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर हैं और वह अब कुछ समय बाद रिटायर होने वाले हैं, मेरी जेठानी भी उनकी बड़ी तारीफ किया करते हैं और वह बताती हैं कि कैसे उनकी औऱ जेठ जी की शादी हुई थी। मैं एक छोटे से कस्बे की रहने वाली हूं लेकिन अब मैं दिल्ली में रहने लगी हूं और दिल्ली के तौर-तरीके मैंने सीख लिए हैं मैं पहले काफी शर्माती थी लेकिन धीरे-धीरे मैं अब सीखने लगी थी। मैं अपनी ननद सुनीता के साथ बहुत कुछ सीखने लगी हूँ उसकी उम्र और मेरी उम्र बराबर ही है इसलिए हम दोनों के बीच बहुत बनती है। मैं जब अपनी शादी को याद करती हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है मेरी शादी बिना दान दहेज के हुई और बाजे गाजे और वैवाहिक कार्यक्रम बड़ा ही शानदार रहा हम लोगों ने किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी। मेरे पिताजी के ना होते हुए भी मेरी मां ने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और बड़े अच्छे से मेरी शादी का आयोजन उन्होंने पूरा करवाया। एक शाम मैं घर पर बैठी हुई थी और अनिल से मैंने कहा कि मुझे कुछ करना है मैं घर के चारदीवारी में परेशान रहने लगी हूं।

मेरी शादी को अब 6 माह से ऊपर हो चुका था और मैं चाहती थी कि मैं अब आगे कुछ करूं लेकिन अनिल ने मुझे कहा तुम्हें इस बारे में मम्मी पापा से बात करनी चाहिए। मैंने जब अपनी सासू मां से कहा माजी मुझे बाहर नौकरी करनी है तो मेरी सासू मां का जवाब था कि हमारे घर की औरतें कहीं बाहर काम नहीं करती। जब उन्होंने मुझे यह बात कही तो मेरे सारे अरमान जैसे चकनाचूर हो गए और मैं अपने रूम में जाकर सिसक सिसक कर रोने लगी मेरी सिसकियां सुन मेरी ननद सुनीता आई सुनीता मुझे कहने लगी भाभी क्या हुआ। मैंने कुछ देर तक सुनीता को कुछ ना कहा सुनीता मेरे पास में ही बैठकर मुझसे बात कर रही थी लेकिन आखिरकार मैंने सुनीता से कह ही दिया। मैंने सुनीता से कहा कि मैने सासू मां से काम करने की बात कही थी लेकिन उन्होंने तो मुझे साफ तौर पर मना कर दिया और सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा हमारे घर की औरतें कहीं काम नहीं करती। सुनीता मुझे कहने लगी भाभी देखिए मां आज भी अपने पुराने विचारों को अपने अंदर जीवित रखे हुए हैं इसलिए वह कभी भी इस बात को स्वीकार नहीं करने वाली आप व्यर्थ ही उनसे बात कर रही हैं उनसे बात करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मैं यह बात सुनकर बहुत ज्यादा दुखी हो गई मुझे जिस प्रकार से अनिल के पिताजी ने अपनी बेटी के रूप में स्वीकार किया था मुझे अब उन पर भी गुस्सा आ रहा था कि शादी के वक्त उन्होंने मुझे काफी कुछ कह कर अनिल से शादी करवाने के लिए राजी कर लिया। मेरे भी सपने थे क्योंकि मैं एक छोटी जगह से ताल्लुक रखती हूं इसलिए मैंने भी सोचा था कि जब मेरी शादी अनिल से हो जाएगी तो मैं भी अपने जीवन में कुछ करूंगी लेकिन मेरे सपने अब चकनाचूर हो चुके थे और मैं काफी परेशान रहने लगी थी।

कुछ दिनों बाद सुनीता की एक अच्छी कंपनी में नौकरी लगी और उसे उन्होंने काम करने के लिए बिल्कुल भी नहीं रोका मुझे इस बात से बहुत आपत्ति थी मैं घर की चारदीवारी में जैसे कैद होकर रह गई थी मैं घर के चारदीवारी में कैद होकर नही रहना चाहती थी मुझे भी अपने जीवन को अपने तरीके से जीना था। इसी बीच सुनीता का रिश्ता भी तय हो गया मैंने जब यह बात अपनी मां को बताई तो मेरी मां बहुत ज्यादा दुखी हुई और वह कहने लगी मुझे तो तुम्हारी बातों पर भरोसा ही नहीं हो रहा कि तुम्हारी सासू मां तुम्हारे प्रति ऐसी सोच रखती हैं। मेरी मां इस बात से बहुत गुस्सा हुई और वह कुछ ही दिनों बाद मुझसे मिलने के लिए आ गई उन्होंने मेरे ससुर जी से कहा देखिए आपने तो मेरी बेटी को घर के चारदीवारी में कैद कर दिया है उसे ना तो आप कुछ करने दे रहे हैं और ना ही वह कुछ कर पा रही है। आपने तो पहले कहा था कि हम स्वरा को अपनी बेटी के रूप में रखेंगे और जिस प्रकार से सुनीता है उसी प्रकार से हम उसे भी प्यार देंगे लेकिन आप अपनी बातों से पलट रहे हैं। मेरे ससुर जी ने बड़े ही शालीनता से मेरी मां से कहा देखिए समधिन जी मैंने तो अपनी बहू को हमेशा अपनी बेटी के रूप में स्वीकार किया है अब आप यह बात कह रहे हैं तो शायद यह बिल्कुल भी उचित नहीं है। उस दिन तो मेरी मां गुस्सा में शांत हो गई परंतु मैंने भी अब अपने जीवन में जैसे समझौता कर लिया था मैं घर पर ही रहती थी उसी बीच सुनीता की शादी भी हो गई और सुनीता अपने ससुराल चली गई।

सुनीता के साथ बिल्कुल वैसा ही हुआ जैसा कि मेरे साथ हो रहा था सुनीता के ससुराल पक्ष वाले उसको जॉब नहीं करने दे रहे थे इस वजह से सुनीता भी काफी परेशान रहने लगी थी। सुनीता जब अपने मायके में आई तो वह मुझे कहने लगी भाभी मैं अब आपकी पीड़ा को समझ सकती हूं मां को आपके साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था मुझे अब एहसास हो रहा है कि मां ने आपके साथ बहुत गलत किया। जिस प्रकार से आप तकलीफ से गुजर रही थी वैसे ही तकलीफ से अब मैं गुजर रही हूं मेरे ससुराल पक्ष वाले भी मुझे कहीं काम नहीं करने दे रहे हैं और मैं घर की चारदीवारी में कैद होकर रह गई हूं। मुझे ऐसा लगता है कि जैसे मैं एक पिंजरे में कैद होकर रह गई हूं और मेरे जीवन में अब कभी भी मुझे आसमान में उड़ने का मौका नहीं मिलने वाला है सुनीता का दर्द सिर्फ मैं ही समझ सकती थी। मैं तो पूरी तरीके से घर की चारदीवारी में कैद थी लेकिन उसी दौरान जब हमारे घर पर अनिल के ममेरे भाई आए तो वह बड़े हंसमुख किस्म के थे कुछ दिनों तक वह हमारे घर पर ही रहने वाले थे। वह किसी बड़ी कंपनी में नौकरी करते हैं उनका नाम मदन है मदन की सोच भी पुराने ही थी लेकिन फिर भी वह अपनी बातों से जैसे माहौल में गर्मी पैदा कर देते थे। मुझे मदन के साथ बात करना अच्छा लगता वह मुझसे काफी मजाक किया करते वह कहते भाभी जी आप बड़ी सुंदर हैं। वह मुझे छेड़ने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते थे एक दिन उन्होंने मेरी कलाई पकड़ ली और कहने लगी भाभी जी आपकी कलाइ तो बड़ी नाजुक है। मैंने उन्हें कहा कलाइ नाजुक है पर चीज तो बड़ी मजबूत है। यह कहते हुए मैंने अपने हाथ को उनके हाथ से छुड़ाते हुए कमरे की तरफ दौड़ी वह भी मेरे पीछे आए उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया।

जब उन्होंने मुझे कसकर पकड़ा तो मेरी चूतडे उनके लंड से टकरा रही थी उनका लंड भी अब खड़ा होने लगा था। उन्होंने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया घर में उस वक्त कोई नहीं था मौका देख कर उन्होंने भी मेरी गांड को दबाना शुरू कर दिया। जब उन्होंने मेरे स्तनों और मेरे नर्म होठों को चूसना शुरू किया तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा अब बात काफी आगे बढ़ चुकी थी और किसी का भी रुक पाना मुश्किल था। मदन ने मेरे स्तनों को दबाकर मुझे अपना बना लिया था जब उन्होंने मेरे कपड़े खोलने शुरू किए तो मुझे भी उनसे अब कोई आपत्ति ना थी। काफी देर तक हम दोनों के बीच यह सब चलता रहा लेकिन जब मैंने मदन के मोटे लंड की तरफ में देखा तो उनके लंड को देख में खुशी से फूली नहीं समा रही थी। उनका लंड 9 इंच मोटा था मैं बड़ी उत्सुकता मे थी कि मेरी टाइट चूत मे लंड जाने वाला है। मैंने मदन से कहा अब आप देर ना कीजिए जल्दी से आप मुझे अपना बना लीजिए नहीं तो कोई आ जाएगा। मदन ने भी कमरे की लाइट बंद कर दी और दरवाजा बंद करते हुए उन्होंने अपने कपड़े उतारने शुरू किए।

उन्होंने भी अपने कपड़े उतार दिए थे मैंने उनकी छाती को अपने हाथों से महसूस करना शुरू किया तो मेरी योनि से पानी का बहाव तेजी से होने लगा। जैसे ही मदन ने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर धीरे-धीरे प्रवेश करवाना शुरू किया तो मेरे मुंह से सिसकियां निकल आई और मैं धीरे से चिल्लाई। मदन कहने लगे भाभी लगता है आपकी चूत में मेरा लंड जा चुका है। मदन का लंड मेरी योनि के अंदर प्रवेश हो चुका था अब वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के मार रहे थे उनके धक्को में बड़ी जान थी। जब वह मुझे मेरे पैर को खोलकर धक्के देते तो मैं भी उड़ते हुए आसमान में अपने आप को महसूस करती। मदन मुझे कहने लगे भाभी जी आप वाकई में लाजवाब है आपकी तुलना कर पाना बड़ा ही मुश्किल है। यह कहते ही उन्होंने जैसे मुझ पर जादू सा कर दिया था मैं अपने पुराने दिन याद करने लगी और आखिरकार मदन का गरमा गरम वीर्य मेरी योनि की शोभा बन चुका था।


Comments are closed.



Online porn video at mobile phone


gandu ki chudaichut ki mast chudaikhet me chudai ki storiesantarvasna dadi ki chudaibhab ki chudaibhai bhan sex storyindian sex story hindi meinenglish mam ki chudaisexy chut chudai kahanisavita bhabhi ki chut ki chudailarke ne larke ki gand marikahani of chutओपिस जानेके बहाने चोदना कडकholi putaidesi mom chudaiKamukat hindi sex storylund in hindifree sexy kahaniyahindi sex story new latestsexy teacher ki chutfree chut ki kahanimastram ki mast kahaniyasexy story in hindi versionaunty ki chudai kahani hindi mechoda gf kobhabhi ko nangi karke chodaindian suhagrat mmsantarvasna family chudaichud gyiGadraya jism sexy aurat ki chudai ki in hindi storyaunty ki chudai hindi kahanisexy kahanikinnar chudai videochachi ki chudai antarvasna comindian sex history in hindimai chud gayichachi ki chudai photopoonam bhabi sex storyhinadi sexymaa ko sote hue chodaVasna chudai kahaniapni sex storypreeti ki chudaisexy hindi font storieshindi sexy kahani hindi sexy kahanidhili chootsexi story hindi mesexy ladki ki chudai ki kahanibhabhi ko nanga kiyasecx hindiantarvasana hindi comantarvasna devar bhabhimummy ki chudai bete sechudai ki kahani in hindi commaa ko kitchen mai chodamausi ki ladkisexy chudai kahanihinbi saxdesi chut desi chutdehati bf hindipata k chodaaaliya bhat sexantarvasna free hindi storybhabhi ki chut ki chudai ki kahanibhai behan ki hindi kahanididi ko patayamom ko car me chodaladki ki chut chatnamadak kahaniyaholi antarvasnafree chut ki kahanimaa bete ki chudai kathadesi chut dikhaimom ki chut phadihot sexy khaniyahindi chudai kahani sitehindi language chudaibhaiya bhabhi ki chudaiwww bhabhi ki chudai ki kahani comsuhagrat me chudai ki kahanichacha ki larki ki chudae patni ke sathchoot kahanigita ki chodaiwww xxx hindi story